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    Thread: महिला द्वारा वीर्य-पान (सही /गलत)

    1. #51
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      Re: महिला द्वारा वीर्य-पान (सही /गलत)

      प्रथम द्रष्टि में कोई भी महिला अपने पुरुष पार्टनर के साथ मुख मैथुन के लिए आसानी से तैयार नहीं होती है लेकिन कोई पुरुष अपनी महिला साथी की योनि का अपने मुख से मैथुन करने लगता है अपनी जीभ व होटो को उसके भगोष्ट को चुसना शुरू कर देता है उसके भंगाकुर को अगुली के बजाये अपनी जीभ से सहला कर चाट कर उसे सेक्स के दोरान उत्तेजित करके उसे उत्तेजना के अंतिम छोर पर पहुचाने लगता है तो फिर उसकी ये महिला सेक्स पार्टनर अपने पुरुष सेक्स पार्टनर के लिंग को मुह में लेने उसे चूसने यानी मुख मैथुन के लिए सहज रूप से तैयार हो जाती है।

    2. #52
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      Re: महिला द्वारा वीर्य-पान (सही /गलत)

      पुरुष द्वारा सेक्स करते समय जब ऐसा महसूस होने लगे कि अब बस उसका वीर्य स्खलित (बाहर आने वाला) होने वाला है उस समय पुरुष को अचानक अपनी मानसिक स्थिति को नियंत्रित करते हुए अपने लिंग को अपनी महिला सेक्स पार्टनर की योनि से बाहर निकाल लेना चाहिए साथ ही साथ अपना ध्यान उस वक्त सेक्स से हटा कर अपना ध्यान वीर्य को बाहर निकलने से रोकने पर केन्द्रित कर लेना चाहीये। उसके बाद थोड़ा सा ठहर कर, अपनी महिला साथी कैसे या किस प्रकार से आपके वीर्य को लेना चाहती है उसी तिरके से मुख मैथुन अथवा हस्त मैथुन से वीर्य स्खलित करके अपनी महिला सेक्स पार्टनर को वीर्य पान करवाना चाहिए।

    3. #53
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      Re: महिला द्वारा वीर्य-पान (सही /गलत)

      प्रथम बार या पहले के कुच्छ सेक्स के दोरान हो सकता है आपकी महिला सेक्स साथी सीधे मैथुन करके आपके वीर्य को मुह में लेने के बाद उसे सहजता से निगल नही पाए। हो सकता है वह उसके असहज स्वाद के कारण उसे थूक दे। बुरा सा मुह बना कर बाथ रूम की और भागे कुल्ला आदि करके उसे बाहर निकाल दे। शुरू में दो चार के वीर्य पान के प्रयासों के दोरान ऐसा होना स्वाभाविक है। फिर भी आपकी महिला सेक्स पार्टनर वीर्य पान के महत्व को समझती है विर्यपान का आप दूसरा तरीका अपना सकते है।

    4. #54
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      Re: महिला द्वारा वीर्य-पान (सही /गलत)

      दुसरे तरीके में आप आपने वीर्य को हस्त मैथुन करके एक छोटे से डिपोजल कप में निकाल सकते है। इस डिस्पोजल कप की व्यवस्था सेक्स से पहले ही कर ले। डिस्पोजल कप में निकाले वीर्य को अपनी महिला सेक्स साथी का पूरा मुह खुलवाकर थोड़ी जीभ बाहर निकलावाये और इस वीर्य को सीधे गले में इस तरह से डाले जिस तरह से बच्चो को एक डाक्टर कड़वी दवा पिलाता है। उसके बाद मुह बंद करवा के उसे थोड़ी देर लम्बी स्वास लेने के लिए कहे इससे वीर्य दवा की अन्दर चला जाएगा और आपनी सेक्स साथी विर्य पान को मानसिक रूप से स्वीकार करने लगेगी तो फिर धीरे धीर वीर्य के असहज स्वाद को भी स्वीकार करने लगेगी एक दिन ऐसा आयेगा की आपकी सेक्स पार्टनर आपके वीर्य को शहद या मक्खन तरह स्वीकारेगी।

    5. #55
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      Re: महिला द्वारा वीर्य-पान (सही /गलत)

      जब आपकी महिला सेक्स साथी आपके वीर्य का सहजता से पान करने लगे तो उसे कई तरीके से वीर्य पान करा सकते है।
      १. वीर्य स्खलित होने तक उसे मुख मैथुन कराये और पूरा वीर्य मुह में ही निकलने दे
      २. हस्त मैथुन के दोरान उसका पूरा मुह खुलवाये तब वह जीभ को थोडा बाहर निकाल लेगी तब हस्त मैथुन करते समय पिचकारी की तरह उसके मुह में अपना वीर्य छोड़े।
      ३. हस्त मैथुन करते हुए उसकी हथेली में या अपनी हथेली में वीर्य को निकलने दे फिर उसे उसकी अंगुली से चाटते हुए वीर्य पान कराये या अपनी अंगुली से उसे चटाए। ये वीर्य पान का एक रोमांचकारी तरिका है।
      ४. हस्त मैथुन करते हुए वीर्य को उसके उरोजो(स्तनों) और होटो पर छोड़े ताकि वह अपनी जीभ व अंगुलिय से वीर्य को चाटते हुए विर्यपान करे। ये भी बेहद रोमांचकारी तरीका है इसे देखर कर आप पुन: सेक्स के लिए आतुर हो उठोगे

    6. #56
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      Re: महिला के द्वारा वीर्य-पान (पुरुष के वीर्य को निगलना या पीना)

      Quote Originally Posted by RaniSingh111 View Post
      सूत्र के अध्ययन से स्पष्ट होता है ----------------भी पुन: विचार रखे।

      मंगलदेव जी भी ध्यान दे आप सूत्र बना कर कहा गए?
      में आपकी बात से सहमत हूँ लेकिन सेक्स हमारी सामाजिक संस्कृति में एक परदे में किया जाना वाला कार्य है सेक्स की तरह वीर्य पान भी परदे में ही किया जा सकता है।
      मेने सूत्र को आगे बढ़ाया है इस बारे में भी अपने विचारों से अवगत करावे

    7. #57
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      Re: महिला द्वारा वीर्य-पान (सही /गलत)

      वीर्य पान के मामले में आपके तर्क और तरीके दोनों ही लाजवाब है सूत्र पर आकर इसे बढाने के लिए स्वागत

    8. #58
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      Re: महिला द्वारा वीर्य-पान (सही /गलत)

      चिकित्सा क्षेत्र मे बहुत से अजीबो गरीब आरोग्य प्राप्ति के उदाहरण मिल जाते है, ये उदाहरण चौकाने वाले होते तो है, कुछ absurds से भी लगते है /

      मुझे एक Pulmonary Tuberculosis के मरीज के बारे मे पता है जिसने मानव लिन्ग-वीर्य का पान करके अपने को रोग मुक्त कर लिया है / उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के एक गांव का उदाहरण है / इस गांव के एक व्यक्ति को TB हुयी, यह उस समय की बात है , जब टी०बी० के इलाज के लियेस्ट्रेप्टोमाय्सी जैसी दवायें आसानी से उपलब्ध नहीं थीं और लोग टी०बी० के इलाज के लिये आयुर्वेद की चिकित्सा पर ही आधारित थे / गरीब आदमी और ऊपर से टी०बी० जैसी बीमारी, पैसा था नही, इलाज कहां से कराता, नजदीक के गांव के पास के एक अच्छे वैद्य के पास जब इलाज के लिये गया तो वैद्य ने कहा कि इस बीमारी का इलाज बहुत महन्गा होता है , यह तो “राज रोग” है , इस तरह के रोग तो राजा और महाराजाओं को होते है, गरीब आदमी को यह रोग हुआ तो समझो, यमराज के घर का रास्ता पक्का / अब तुम्हारे पास पैसा है नही, कीमती दवाओं की जरूरत पड़्ती है, उसका तुम लागत मूल्य भी नहीं दे सकते, तुम्हारी बीमारी कैसे ठीक होगी ?

      Materia Medica of Ayurveda ; DRAVYA GUN VIGYAN Volume III written by Prof P.V. Sharma, which mentions the medicinal properties of SEMEN and Female Hormones

      Scanned page of the above mentioned Ayurvedic Materia Medica containing the details of the qualities and charecteristics of SEMEN of various origins

      यह रोगी घबराया और बोला , “वैद्य जी आप ही कोई रास्ता बताइये ” / बैद्य जी खान्दानी वैद्य थे और उनकी कई पुश्तें आयुर्वेद का चिकित्सा अभ्यास कार्य करती चली आ रही थीं / उनके पूर्वजों का शायद अनुभव था कि मानव वीर्य का पान करने या पीने से “राज यक्षमा” या PULMONARY TUBERCULOSIS ठीक हो जाती है /

      वैद्य जी ने उसको अकेले मे ले जाकर समझाया कि अगर टी०बी० की बीमारी से ठीक होना चाह्ते हो तो रोजाना सुबह और शाम मानव वीर्य को पियो और यह काम आज से ही शुरू कर दो / किसी स्वस्थ, बलवान और हट्टे कट्टे मनुष्य का वीर्य पियोगे तो शीघ्र लाभ होगा /

      इस रोगी के पास पैसा था नही, मरता क्या न करता वाली स्तिथि थी / एक तरफ जान बचाने के लिये प्रयास में ऐसा गन्दा काम , दूसरी तरफ पैसे का नितान्त अभाव / अन्त मे कुछ लोगों ने सलाह दी कि जान और प्राण बचाने के लिये किये जाने वाले सभी काम जायज हैं, काया राखे धर्म है, वाली बात थी /

      लेकिन अपना लिन्ग पिलाने के लिये गांव का कोई व्यक्ति तैयार नहीं हुआ / बड़ी मिन्नतें करने के बाद कुछ लोग तैयार हुये / किसी ने कहा जान बचाने के लिये यह सब करना दान का काम है /

      इस प्रकार से मानव वीर्य पीने से उसका स्वास्थय कुछ दिनों में सामान्य होने लगा और कुछ महीनों बाद उस व्यक्ति को आरोग्य प्राप्त हो गया और वह स्वयम हट्टा कट्टा और तन्दुरुस्त हो गया /

      महिलाओं की योनि चाटने या चूसने से कुछ मानसिक विकारों , मानसिक अवसाद, हार्मोनल डिस्टरबेन्सेस के रोगी ठीक हुये है, इनमे से कुछ मानसिक भ्रान्ति के शिकार शिकार थे / मानसिक अवसाद के कुछ रोगियों ने बताया कि उनकी मानसिक दुर्बलता, चिडचिड़ापन, मानसिक उत्तेजना, अत्यधिक क्रोध आना, मानसिक भय आदि विकार महिला योनि के चूषण से ठीक हुये है / रात या दिन में नींद न आने की तकलीफ अथवा अनिद्रा के कुछ रोगियों ने स्वीकार किया कि महिला योनि के चाटने और चूसने और उसका स्राव पीने के बाद उनकी अनिद्रा की बीमारी ठीक हो गयी / सभी महिला योनि चूसने वालों ने स्वीकार किया है कि योनि चूसने के बाद सन्सर्ग अथवा सम्भोग कतई न करें, अगर सम्भोग किये जाते है तो इसका उलटा असर होता है, इसलिये ऐसे कार्य से बचना चाहिये / यानी योनि चूसण के पश्चात सम्भोग कतई नहीं करना चाहिये बर्ना उल्टे बीमारी बढ जाने की आशन्का पैदा हो जाती है /

      बहुत से चिकित्सकों का मानना है कि हार्मोनल स्राव के अनियमित या proper न मिल पाने से या पुरूष को महिला हार्मोन की जरूरत हो या महिला को पुरूष हार्मोन की जरूरत हो और यह पूरा न हो सकता हो तो पुरूष लिन्ग और महिला योनि के चूषण या चूसने से यह पूरा हो जाता है जो स्वास्थय के लिये लाभदायक प्रक्रिया साबित हो सकती है /
      Last edited by ashwanimale; 29-05-2013 at 01:48 PM.
      चित्रों की संख्या अधिक होने के कारण चित्रों में दोहराव संभव है पाठको से अनुरोध है ऐसे चित्रों को नियामक से कह कर हटवा दे

    9. #59
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      Re: महिला द्वारा वीर्य-पान (सही /गलत)

      नविन जि, मैने कै लोगो से सुन है और नेत पर फि anal sex के बारे मे padha है ,क्य येह सच्मूच सम्भव है और क्य क्य येह सहज ता से किय ज सक्त है य फिर येह मात्र एक भ्रन्ति है ,
      मेरे तरह और भि लोगो के मन मे ये सवल जरुर आत होगा .इस पर भि कुच जरुर बतये

    10. #60
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      Re: महिला द्वारा वीर्य-पान (सही /गलत)

      Quote Originally Posted by midwills View Post
      नविन जि, मैने कै लोगो से सुन है और नेत पर फि anal sex के बारे मे padha है ,क्य येह सच्मूच सम्भव है और क्य क्य येह सहज ता से किय ज सक्त है य फिर येह मात्र एक भ्रन्ति है ,
      मेरे तरह और भि लोगो के मन मे ये सवल जरुर आत होगा .इस पर भि कुच जरुर बतये
      आपका मतलब "अनल-सेक्स" गुदा मैथुन से है ये क्रिया आसानी से संभव नही है इसके लिए स्त्री व पुरुष दोनों को कई प्रकार के साधनों व उपायों को अपनाते हुए काफी चिकित्सकिये सावधानियो के साथ कई दिन तक अभ्यास करना पड़ता है ये क्रिया पोर्न-अभिनय करने वाले पेशेवर स्त्री पुरुष ही अपना पोर्न व्यवसाय को बढाने के लिए अपनाते है आम तोर पर संभव नही है। ऐसा करने का प्रयास आपको कई प्रकार के खतरों में डाल सकता है।

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